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स्व सहायता समूह ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम बन चुके है। स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं में आत्म विश्वास बढ़ा है, निर्णय लेने की क्षमता विकसित हुई है तथा सामाजिक सहभागिता में वृद्धि हुई है। स्व सहायता समूह 10-20 लोगों द्वारा बनाया गया एक स्वैच्छिक संगठन है जिससे सम्मिलित होकर महिलाएं छोटी-छोटी बचत करके बैंक से जुड़कर सुक्ष्म ऋण प्राप्त कर विभिन्न प्रकार के सुक्ष्म उद्योग स्थापित करके आत्म-निर्भर बन रही है ग्रामीण महिलाएं स्व सहायता समूह द्वारा चलाई जाने वाली सभी प्रमुख गतिविधियां जैसे बचत, ऋण प्राप्ति, आय अर्जन हेतु प्रशिक्षण व रोजगार आदि आर्थिक क्षेत्र से जुड़ी हुई है। तथा समूह के माध्यम से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर स्वास्थ्य, शि़क्षा और अन्य परिवारिक समस्याओं का समाधान कुशलतापूर्वक कर रही है जिससे समाज में उन्हे नई पहचान मिल रही है। वस्तुतः महिला सशक्तिकरण का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष अर्थिक दृष्टि से सदृढ़ होना है। ग्रामीण गरीब महिलाओं एवं स्व सहायता समूहों को बैकिंग सुविधाओं तक पहुंच बनाने के लिए वित्तीय समावेशन के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाती है। लखपति महिला पहल महिला स्व सहायता समूह सदस्य की वार्षिक आय कोे 1 लाख से अधिक या मासिक आय कम से कम 10 हजार तक की कम से कम कृषि मौसमों या चार व्यावसायिक चक्रों तक बनाये रखन के लिये विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियाँ (जैसे कृषि, लघुवनोपज, औषधि-पौधे उत्पादन, गैर कृषि गतिविधियाँ, उघमिता विकास, क्लस्टर डेव्हल्पमेंट, पशुधन, लघु उघम एवं कौशल प्रशिक्षण इत्यादि) को समेकित किया जाना है विभिन्न अध्ययनों से यह स्पष्ट होता है कि स्व सहायता समूह बनने के बाद तथा सदस्य बनने के बाद महिलाओं की सामाजिक पूंजी में वृद्धि हुई है इस शोध पेपर में महिलाओं की आर्थिक जीवन स्तर का अध्ययन किया जायेगा
Keywords:
स्व सहायता ,समूह, लघु ऋण, ग्रामीण,महिला, सशक्तिकरण, आजीविका
Cite Article:
"Swa sahayata samuh laghu Rinn evam Gramin Mahila Sashaktikaran ek vishesh adhhyan Vikaskhand Geedam jila Dantewada", International Journal for Research Trends and Innovation (www.ijrti.org), ISSN:2456-3315, Vol.11, Issue 2, page no.a658-a667, February-2026, Available :http://www.ijrti.org/papers/IJRTI2602089.pdf
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ISSN:
2456-3315 | IMPACT FACTOR: 8.14 Calculated By Google Scholar| ESTD YEAR: 2016
An International Scholarly Open Access Journal, Peer-Reviewed, Refereed Journal Impact Factor 8.14 Calculate by Google Scholar and Semantic Scholar | AI-Powered Research Tool, Multidisciplinary, Monthly, Multilanguage Journal Indexing in All Major Database & Metadata, Citation Generator